http://Hanuman Chalisa – हनुमान चालीसा https://share.google/YpGsh95isSPebWLdU
भारत एक ऐसा देश है जहां आस्था भक्ति और आध्यात्म का संगम हर जगह दिखाई देता है हर युग में भक्तों ने ईश्वर की भक्ति को अपने जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य बनाया है। इन्हीं भक्तों में से एक महान कवि और संत गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा की रचना की थी। यह चालीसा न केवल एक भक्ति गीत है बल्कि यह शक्ति साहस और विश्वास का प्रतीक भी है।
हनुमान चालीसा आज करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुकी है। चाहे सुबह का समय हो या किसी संकट की घड़ी जय हनुमान ज्ञान गुण सागर की पंक्तियां मन में ऊर्जा और आत्मविश्वास भर देते हैं।
हनुमान चालीसा की उत्पत्ति
हनुमान चालीसा की रचना 16 वीं शताब्दी में गोस्वामी तुलसी दास जी ने की थी। जो भगवान राम के अनन्य भक्त थे कहा जाता है, कि उन्होंने इस चालीसा की रचना काशी (वाराणसी) में की थी। चालीसा शब्द 40 से बना है जिसका अर्थ होता है 40 छंद यानी इसमें कुल 40 चौपाइयां हैं, जो श्री हनुमान जी की महिमा का गुणगान करती है।
कहा जाता है कि तुलसीदास जी को एक बार संकट में पढ़ने पर स्वयं श्री हनुमान जी ने दर्शन दिए और उन्हें यह चालीसा रचना की प्रेरणा दी तब से यह ग्रंथ भक्तों के जीवन में अद्भुत प्रभाव डाल रहा है।
हनुमान जी कौन है?
हनुमान जी भगवान शिव के 11 रुद्र अवतार माने जाते हैं। वे पवन देव (वायु देवता) के पुत्र और अंजली माता के गर्भ से उत्पन्न हुए थे, इसलिए उन्हें पवन पुत्र हनुमान कहा जाता है।
उनकी विशेषताएं हैं—
- असीम बल
- अटूट भक्ति
- अदम्य साहस
- असीम ज्ञान
- निस्वार्थ सेवा
रामायण में हनुमान जी ने भगवान श्री राम की सहायता कर लंका तक पहुंचने सीता माता को खोजने और रावण का अंत करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
हनुमान चालीसा के पाठ का महत्व
हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने से व्यक्ति को अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। तुलसीदास जी ने इसमें बताया है कि हनुमान जी के स्मरण मात्र से ही सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
मुख्य लाभ:
- भय से मुक्ति – हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन में आत्मविश्वास बढ़ता है और वह दूर होता है।
- नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा– जहां नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ होता है वहां नकारात्मक शक्तियां नहीं टिकती हैं।
- रोग और संकट से मुक्ति– “नासे रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा” इस पंक्ति में बताया गया है कि हनुमान जी का नाम लेने से हर रोग मिट जाते हैं।
- आध्यात्मिक शांति–पाठ करने वाला व्यक्ति धीरे-धीरे अपने मन वचन और कम से पवित्र बनता है।
- सफलता और बाल की प्राप्ति– हनुमान जी को बल बुद्धि और विद्या के दाता कहा गाया है। उनके भजन से जीवन में स्थिरता आती है।
हनुमान चालीसा का वैज्ञानिक दृष्टिकोण
आध्यात्मिक लाभों के साथ-साथ इसके वैज्ञानिक प्रभाव भी हैं जब कोई व्यक्ति श्रद्धा के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करता है। तो उसकी सांसों की लय स्थिर होती है और मस्तिष्क शांत होता है।
- “ओम” और “राम” जैसे शब्दों का उच्चारण वाइब्रेशन कंपन पैदा करता है जो शरीर की कोशिकाओं को सशक्क्त बनाता है।
- इससे तनाव चिंता और अनिद्रा जैसी समस्याएं कम होती हैं।
- निमित्त पाठ से सकारात्मक ऊर्जा (पॉजिटिव एनर्जी) उत्पन्न होती है जो मानसिक संतुलन बनाएं रखती है
हनुमान चालीसा के कुछ चमत्कारी अनुभव
दुनिया भर में लाखों भक्तों ने हनुमान चालीसा के अदूत चमत्कार अनुभव किए हैं। कई लोगों ने संकट की घड़ी में इसका पाठ करके राहत पाई है—
- किसी को दुर्घटना से बचने का अनुभव हुआ।
- किसी को असाध्य बीमारी से मुक्ति मिली।
- तो किसी ने भाई और अवसाद को हराकर नई ऊर्जा पाई।
कहा जाता है कि जो व्यक्ति संकट या भय के समय 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करता है, उसके चारों ओर एक दिव्या सुरक्षा कवच बन जाता है।
हनुमान चालीसा का सही पाठ कैसे करें
- स्नान और शुद्ध होकर पूर्व दिशा की ओर बैठे।
- हनुमान जी की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाएं।
- संकल्प प्ले कि आप यह पाठ श्रद्धा और भक्ति से करेंगे।
- शुरुआत करें “जय हनुमान ज्ञान गुण सागर” से।
- पाठ समाप्त होने पर आरती हनुमान जी की करें।
सर्वोत्तम दिन: मंगलवार और शनिवार
सर्वोत्तम समय: सूर्योदय या सूर्यास्त के समय
हनुमान जी से जुड़ी प्रेरणाय
हनुमान जी हमें सिखाते हैं कि—
- सेवा सबसे बड़ा धर्म है।
- भक्ति में अहंकार नहीं समर्पण होना चाहिए।
- सच्चा बल वही है जो दूसरों के हित में लगे।
उनका जीवन हमें प्रेरणा देता है कि चाहे परिस्थितियों कैसी भी हो हमें सच्चाई, भक्ति और साहस के मार्ग पर डटे रहना चाहिए।
हनुमान चालीसा एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है एक जीवन दर्शन है।जिसमें वह शक्ति है जो निराश मन को उम्मीद देती है, भय को दूर करती है और जीवन में स्थिरता लाती है।
जो भी व्यक्ति श्रद्धा और भक्ति से हनुमान चालीसा का पाठ करता है उसके जीवन में संकटों से मुक्ति, सफलता और शांति श्वेता आती है।
हनुमान जी की कृपा से सबके जीवन में साहस, बाल और भक्ति सदा बनी रहे।
जय बजरंगबली!
जय हनुमान!
जय जय श्री राम!
जय सियाराम
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